पियाजे, कोहलबर्ग एवं वाइगोत्सकी के सिद्धान्त Previous year question for CTET

पियाजे, कोहलबर्ग एवं वाइगोत्सकी के सिद्धान्त

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1.जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था मे बच्चे आँख कान एवं नाक से सोचते है ?
(a) संवेदी प्रेरक अवस्था
(b) पूर्व संक्रियात्मक अवस्था
(c) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था
(d) अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था


2. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक कथन गलत है ?
(a) जिन बालकों के औपचारिक संक्रियात्मक चिन्तन ऊँचा होता है, उनका शिक्षण स्तर भी ऊँचा होता है
(b) बालक अपने पर्यावरण के साथ अनुकूलन करने के लिए अनेक नियमों को सीख लेता है 
(c) संज्ञानात्मक विकास का तात्पर्य बच्चों के सीखने से है
(d) पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास को पाँच भागो में विभाजित किया है


3. परायत नैतिकता की अवस्था होती है
(a) 3 से 6 वर्ष
(b) 4 से 8 वर्ष
(c) 4 से 7 वर्ष
(d) 5 से 9 वर्ष


4. निम्नलिखित कथनों के बारे में विचार कीजिए
1. संज्ञानात्मक विकास निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है ।
2. निर्माण एवं खोज के सिद्धान्त का प्रतिपादन जीन पियाजे ने किया है ।
3. शिक्षकों को बालकों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयोगात्मक शिक्षा व्यावहारिक शिक्षा एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता इत्यादि का आयोजन करना चाहिए ।
उपरोक्त कथनों में से कौन सा कथन सही है ?
(a) 1और 2
(b) 2 और 3
(c) केवल 3
(d) ये सभी


5. लॉरेन्स कोहलबर्ग के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है ?
(a) कोहलबर्ग एक अमेरिकी मनोवैज्ञानिक थे
(b) कोहलबर्ग ने जीन पियाजे से प्रभावित होकर नैतिक विकास का सिद्धान्त दिया
(c) कोहलबर्ग ने नैतिक विकास को तीन अवस्थाओं में बाँटा है
(d) कोहलबर्ग ने पूर्व परम्परागत स्तर को 6 से 11 वर्ष के बीच माना है


6. निम्नलिखित में से कौन- सा एक भाग परम्परागत नैतिक स्तर से जुड़ा हुआ है ?
(a) सामाजिक अनुबन्ध अभिमुखता
(b) अधिकार संरक्षण अभिमुखता
(c) दण्ड तथा आज्ञापालन अभिमुखता
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं


7. निम्नलिखित कथनों के बारे में विचार कीजिए
1. कोहलबर्ग ने स्वकेन्द्रित अवस्था को 3 से 6 वर्ष तक मन है
2. आधारहीन आत्मचेतना अवस्था किशोरावस्था से जुड़ी हुई है
3. परम्परागत नैतिक स्तर की अवधि 9 से 14 वर्ष के मध्य होती है
उपरोक्त कथनों में से कौन सा कथन सही है ?
(a) केवल 2
(b) केवल 3
(c) केवल 1
(d) ये सभी
8. नैतिक दुविधा एवं नैतिक तर्कणा को किस मनोवैज्ञानिक ने प्रतिपादित किया है ?


(a) जीन पियाजे
(b) लॉरेन्स कोहलबर्ग
(c) लेव वाइगोत्सकी
(d) एरिक एरिक्सन


9. लेव वाइगोत्सकी के सामाजिक सांस्कृतिक सिद्धान्त के सन्दर्भ में कौन-सा सही नही है ?
(a) वाइगोत्सकी का सामाजिक, सांस्कृतिक सिद्धान्त बालक के संज्ञानात्मक विकास पर आधारित है
(b) वाइगोत्सकी एक फ्रांसीसी मनोवैज्ञानिक थे
(c) इन्होंने बालकों के संज्ञानात्मक विकास में भाषा एवं चिन्तन को महत्वपूर्ण अंग माना है
(d) इनके अनुसार खेल बालकों में संज्ञानात्मक, भावनात्मक एवं सामाजिक विकास को बढ़ाता है ।


10. सम्भाव्य/निकट विकास का क्षेत्र (ZPD) निम्नलिखित में से किस मनोवैज्ञानिक की देन है ?
(a) जीन पियाजे
(b) लॉरेन्स कोहलबर्ग
(c) लेव वाइगोत्सकी
(d) उपरोक्त में से कोई नही


11. निम्नलिखित कथनों के बारे में विचार कीजिए
1. बालकों का विकास  समाजिक क्रियाओं के अन्त:करण के आधार पर होता है ।
2. बालकों का मानसिक विकास अधिगम के द्वारा ही संभव है
3. बालकों में भाषा एवं चिंतन का विकास स्वतंत्र रूप से होता है
उपरोक्त कथनों में से कौन सा कथन सही है ?
(a) 1 और 2
(b) 2 और 3
(c) केवल 3
(d) ये सभी


12. एक माध्यमिक स्कूल का शिक्षक विद्यालय में पढ़ाने के दौरान एक विद्यार्थी का विश्लेषण करने के बाद यह सोचता है कि उस विद्यार्थी में अमूर्त चिंतन करने की क्षमता, भाषा-संबंधित योग्यता तथा संप्रेषणशीलता का बेहतर विकास हो रहा है । विद्यार्थी के बारे में शिक्षक की यह सोच पियाजे के संज्ञानात्मक विकास केकिस अवस्था का सूचक है ?
(a) संवेदी प्रेरक अवस्था
(b) पूर्व संक्रियात्मक अवस्था
(c) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था
(d) औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था


13. “बच्चे दुनिया के बारे में अपनी समझ का सृजन करते है ।” इसका श्रेय …………को जाता है ।
(CTET June 2011)
(a) पियाजे
(b) पावलॉव
(c) कोह्लबर्ग
(d) स्किनर


14. वह अवस्था जब बच्चा/बच्चे तार्किक रूप से वस्तुओं व घटनाओं के विषय में चिन्तन प्रारम्भ करता है ?                                                                                    (CTET June 2011)
(a) संवेदी प्रेरक अवस्था
(b) औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था
(c) पूर्व संक्रियात्मक अवस्था
(d) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था


15. बच्चों के बौद्धिक विकास की चार विशिष्ट अवस्थाओं की पहचान की गई                                                                                                                                   (CTET June 2011)
(a) कोह्लबर्ग द्वारा
(b) एरिक्सन द्वारा
(c) स्किनर द्वारा
(d) पियाजे द्वारा


16. पियाजे के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सी अवस्था में बच्चा अमूर्त संकल्पनाओं के विषय में तार्किक चिन्तन करना आरम्भ करता है ?
(CTET June 2011)
(a) मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (7 से 11 वर्ष)
(b) औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष एवं इससे ऊपर)
(c) संवेदी-प्रेरक अवस्था (जन्म से 2 वर्ष)
(d) पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (2 से 7 वर्ष)


17. पियाजे के अनुसार विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान ……..सबसे बेहतर सीखता है ।
(CTET June 2011)
(a) निष्क्रिय शब्दों को समझने के द्वारा
(b) अमूर्त तरीके से चिन्तन द्वारा
(c) भाषा के नए अर्जित ज्ञान के अनुप्रयोग द्वारा
(d) इन्द्रियों के प्रयोग द्वारा


18. बच्चों के संज्ञानात्मक विकास को सबसे अच्छे तरीके से कहाँ परिभाषित किया जा सकता है ?
(UPTET Nov 2011)
(a) खेल के मैदान में
(b) विद्यालय एवं कक्षा में
(c) ऑडिटोरियम में
(d) गृह में


19. बालकों की सोच अमूर्तता मूर्त अनुभवों एवं प्रत्ययों से होती है । यह अवस्था है ।
(RTET July 2011)
(a) 7 से 12 वर्ष तक
(b) 12 स व्यस्क तक
(c) 2 से 7 वर्ष तक
(d) जन्म स 2 वर्ष तक


20. फ्रायड, पियाजे एवं अन्य मनोवैज्ञानिक ने व्यक्तित्व विकास की विभिन्न अवस्थाओं के सन्दर्भ में व्याख्या की है, परन्तु पियाजे ने
(RTET July 2011)
(a) कहा है कि विकास की अवस्थाएँ वातावरण से निर्धारित होती है ।
(b) कहा की शैशवावस्था के अनुभव ही अधिक प्रभवित करते है बाकि अवस्थाओं के सीमित प्रभाव होते है
(c) विभिन्न अवस्थाओं को समझाने के लिए संज्ञानात्मक बदलाव के बारे में कहा
(d) उपरोक्त में से कोई नही


21 पियाजे के अनुसार मूर्त संक्रियाओं का स्तर किस अवधि में घटित होता है ?
(BTET April 2011)
(a) जन्म से 2 वर्ष
(b) 2 से 7 वर्ष
(c) 7 से 11 वर्ष
(d) 11 से 15 वर्ष


22. किस मनोवैज्ञानिक के अनुसार, “सीखने का मतलब ज्ञान निर्माण करना है” ?
(CGTET July 2011)
(a) स्किनर
(b) पियाजे
(c) थॉर्नडाइक
(d) लेव वाइगोत्स्की


23. एक बच्ची को उसके पिता चहलकदमी करा रहे थे । बच्ची जानती थी कि चिड़िया जैसी चीज़े होती है, परन्तु उसके कभी पतंग को नहीं देखा था । पतंग को देखकर उसने कहा “चिड़िया को तो देखो” उसके पिता ने कहा “यह एक  पतंग है।” यह उदाहरण दिखता है ।
(CGTET July 2011)
(a) सम्मिलन
(b) समायोजन
(c) संरक्षण
(d) वस्तु का प्रदर्शन


24. “घटना और वस्तुओं के बारे में एक बच्चा तार्किक रूप से सोच सकता है” पियाजे के चरणों के सम्बन्ध में सही कथन है
(PTET July 2011)
(a) सेन्सारी तन्त्रिका तन्त्र
(b) प्रारम्भिक संचालन प्रक्रिया
(c) मूर्त संचालन प्रक्रिया
(d) औपचारिक संचालन प्रक्रिया


25. निम्न सिद्धान्तों में स कौन-सा बच्चे के बौद्धिक विकास के 4 चरणों (संवेदी-चालक, पूर्व परिचालन, सुदृढ़ परिचालन एवं औपचारिक परिचालन) को चिन्हित करता है ?
(PTET July 2011)
(a) एरिक्सन का मनो-सामाजिक विकास सिद्धान्त
(b) फ्रायड का मानसिक-यौन विकास सिद्धान्त
(c) जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त
(d) कोह्लबर्ग का नैतिक विकास सिद्धान्त


26. वाइगोत्स्की बच्चों के सीखने में निम्नलिखित में से किस कारक की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते है ?
(CTET Jan 2012)
(a) सामाजिक
(b) अनुवांशिक
(c) नैतिक
(d) शारीरिक


27. कोह्लबर्ग के अनुसार, शिक्षक बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास कर साकता है ।
(CTET Jan 2012)
(a) निष्क्रिय शब्दों को समझने के द्वारा
(b) अमूर्त तरीके से चिन्तन द्वारा
(c) भाषा के नए अर्जित ज्ञान के अनुप्रयोग द्वारा
(d) इन्द्रियों के प्रयोग द्वारा


28. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के चरणों के अनुसार, ‘इन्द्रिय-गामक (संवेदी-प्रेरक) अवस्था किसके साथ सम्बन्धित है ?
(CTET Jan 2012)
(a) सामाजिक मुद्दों से सरोकार
(b) अनुकरण, स्मृति और मानसिक निरूपण
(c) तार्किक रूप से सामस्या-समाधानकी योग्यता
(d) विकल्पों के निर्वाचन और विश्लेषण करने की योग्यता


29. पियाजे के अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धान्त के अनुसार, वह प्रक्रिया जिसके द्वारा संज्ञानात्मक संरचना को संशोधित किया जाता है ।…………
(CTET Jan 2012)
(a) प्रत्यक्ष्ण
(b) समायोजन
(c) समावेशन
(d) स्कीम


30. कोह्लबर्ग के अनुसार, सही और गलत के प्रश्न के बारे में निर्णय लेने में शामिल चिन्तन-प्रक्रिया को कहा जाता है
(CTET Jan 2012)
(a) सहयोग की नैतिकता
(b) नैतिक तर्कणा
(c) नैतिक यथार्थवाद
(d) नैतिक दुविधा


31. पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास के किस चरण पर बच्चा ‘वस्तु स्थायित्व’ को प्रदर्शित करता है ?
(CTET Jan 2012)
(a) मूर्त संक्रियात्मक चरण
(b) औपचारिक संक्रियात्मक
(c) सवेदिप्ररेक चरण
(d) पूर्व-संक्रियात्मक चरण


32. वाईगोत्स्की के सिद्धान्त का निहितार्थ है
(CTET Nov 2012)
(a) प्रारम्भिक व्याख्या के बाद कठिन सवालों को हल करने में बच्चे की सहायता न करना
(b) बच्चे उन बच्चों की संगति में श्रेष्ठतम रूप से सीख सकते है, जिनका बुद्धि-लब्धांक उनके बुद्धि-ल्बधंकसे कम होता है
(c) सहयोगात्मक समस्या समाधान
(d) प्रत्येक विधार्थी को व्यक्तिगत रूप से दत कार्य देना


33. सीखने के सिद्धान्तों के सन्दर्भ में ‘स्कैफोल्डिंग……..की ओर संकेत करता है ।
(CTET Nov 2012)
(a) सीखने में वयस्कों द्वारा अस्थायी सहयोग
(b) विधार्थियों द्वारा की गई गलतियों के कारणों का पता लगाना
(c) अनुरूपित शिक्षण
(d) पूर्व अधिगम की पुनरावृति


34. लॉरेन्स कोह्लबर्ग के द्वारा प्रस्तावित निम्नलिखित चरणॊ में से प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे किन चरणों का अनुसरण करते है ?
(CTET Nov 2012)
1. आज्ञापालन और दण्ड-उन्मुखीकरण
2. वैयक्तिकता और विनियम
3. अच्छे अन्त: वैयक्तिक सम्बन्ध
4. सामाजिक अनुबन्ध और व्यक्तिगत अधिकार
(a) 1 और 2
(b) 2 और 4
(c) 1 और 4
(d) 1 और 3


35. मिश्रित आयु वर्ग वाले विधार्थी की कक्षा से व्यवाहर रखने वाले शिक्षक के लिए ……………..का ज्ञान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है ।
(CTET Nov 2012)
(a) उनके अभिभावकों का व्यवसाय
(b) सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि
(c) सांस्कृतिक पृष्ठभूमि
(d) विकासात्मक अवस्थाओं


36. करनैल सिंह क़ानूनी कार्यवाही तथा खर्चे के बावजूद आयकर नहीं देते । वे सोचते है कि वे एक भ्रष्ट सरकार को समर्थन नहीं दे सकते जो अनावश्यक बाँधो के निर्माण पर लाखों रुपए खर्च करती है ।वे संभवतः कोह्लबर्ग के नैतिक विकास की किस अवस्था में है ?
(CTET July 2013)
(a) परम्परागत
(b) पश्च-परम्परागत
(c) पूर्व-परम्परागत
(d) परा-परम्परागत


37. एक शिक्षिका अपने शिक्षार्थियों की इस रूप में मदद करना चाहती है कि वे एक स्थिति की अनेक दृष्टिकोणों की सराहना कर सकें । वह विभिन्न समूहों में एक स्थिति पर वाद-विवाद करने के अनेक अवसर उपलब्ध कराती है । वाइगोत्स्की के परिप्रेक्ष्य के अनुसार उसके शिक्षार्थी विभिन्न दृष्टिकोणों को …………….करेगें और अपने तरीके से उसे स्थिति के अनेक परिप्रेक्ष्य करेगें ।
(CTET July 2013)
(a) तर्कसंगत
(b) आत्मसात
(c) निर्माण
(d) संक्रीयाकरण


38. सीता ने हाथ से दाल और चावल खाना सीख लिया है, जब उसे दालऔर चावल दिए जाते है तो वह दाल-चावल मिलाकर खाने लगाती है । उसने चीजों को करने के लिए स्कीमा में दाल और चावल खाने को ……….कर लिया है ।
(CTET July 2013)
(a) अंगीकार
(b) समायोजित
(c) अनुकूलित
(d) समुचितता


39. संज्ञानात्मक विकास के चार चरणों को ……… के द्वारा संवेदी पेशीय पूर्व संक्रियात्मक और औपचारिक संक्रियात्मक की पहचान की गई है ।
(UPTET June 2013)
(a) हिलगार्ड द्वारा
(b) स्ट़ॉट द्वारा
(c) हरलॉक द्वारा
(d) पियाजे द्वारा


40. पियाजे मुख्यतः…………के क्षेत्र में योगदान के लिए जाने जाते है ।
(UPTET June 2013)
(a) भाषा विकास
(b) ज्ञानात्मक विकास
(c) नैतिक विकास
(d) सामजिक विकास


41. पियाजे की कौन-सी अवस्था का सम्बन्ध अमूर्त एवं तार्किक चिन्तन से है ?
(UPTET Nov 2013)
(a) संवेदिगामक अवस्था
(b) पूर्व संक्रियात्मक अवस्था
(c) अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था
(d) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था


42. एक शिक्षिका अपनी कक्षा से कहती है, “साभी प्रकार के प्रदत कार्यों का निर्माण  इस प्रकार किया गया है की प्रत्येक विधार्थी अधिक प्रभावशाली ढंग से सीख साके, अत: सभी विधार्थी बिना किसी अन्य की साहयता से अपना कार्य पूर्ण करे ।” वह कोह्लबर्ग के किस नैतिक विकास के चरण की ओर संकेत दे रही है ?
(CTET Feb 2014)
(a) औपचारिक चरण 4-कानून और व्यवस्था
(b) पर-औपचारिक चरण 5-सामाजिक संविदा
(c) पूर्व-औपचारिक चरण 1-दण्ड परिवर्तन
(d) पूर्व-औपचारिक चरण 2-वैयक्तिकता और विनियम


43. भाषा-विकास के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा क्षेत्र पियाजे द्वारा कमतर आँका गया ?
(CTET Feb 2014)
(a) अहं-केन्द्रित भाषा
(b) विधार्थी द्वारा संक्रियात्मक रचना
(c) आनुवंशिकता
(d) सामाजिक अन्त:क्रिया


44. निम्नलिखित में से कौन-सा कोह्लबर्ग के नैतिक विकास के चरणों का लक्षण है ?
(CTET Feb 2014)
(a) विकास संस्कृतियों से सम्बद्ध चरणों की सार्वभौम श्रृंखला
(b) विभिन्न चरण एक गैर-पदानुक्रम रूप से आगे की ओर बढ़ते है
(c) चरणों का परिवर्तनशील अनुक्रम
(d) विभिन्न चरण अलग-अलग प्रत्युतर हँ न कि सामान्य प्रतिमान


45. निम्नलिखित में से कौन-सा निहितार्थ पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त से नहीं निकाला जा सकता है ?
(CTET Feb 2014)
(a) खोज पूर्ण अधिगम
(b) शाव्दिक शिक्षण की आवश्यकता
(c) बच्चों की अधिगमनात्मक तत्परता के प्रति संवेदनशीलता
(d) वैयक्तिक भेदों की स्वीकृति


46. बच्चों के व्यवहार को समझने के लिए विधार्थियों के घर के वातावरण का महत्वपूर्ण स्थान है तथा इससे प्राप्त सूचना को प्रभावशाली शिक्षाशास्त्र के निर्माण से जोड़ा जा सकता है । यह तथ्य अधिगम के किस सिद्धान्त से सम्बद्ध है ?
(CTET Feb 2014)
(a) रचनावादी
(b) सामाजिक-रचनावादी
(c) व्यवहारवादी
(d) परिस्थितिक


47. संज्ञानात्मक विकास निम्न में से किसके द्वारा समर्थित होता है ?
(CTET Sept 2014)
(a) जितना साम्भ्व हो उतनी आवृति से संगत और सुनियोजित परीक्षाओं का आयोजन करना
(b) उन गतिविधियों को प्रस्तुत करना जो परम्परिक पद्धतियों को सुदृढ़ बनाती है
(c) एक समृद्ध और विविधतापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना
(d) सहयोगात्मक की अपेक्षा वैयक्तिक गतिविधियों पर अधिक ध्यान केन्द्रित करना


48. रिया, कक्षा-पिकनिक तय करने हेतु ऋषभ से सहमत नहीं है .। वह सोचती है कि बहुमत को अनुकूल बनाने के लिए नियमों का संशोधन किया जा सकता है । यह सहपाठी विरोध, पियाजे के अनुसार, निम्नलिखित में से किससे सम्बन्धित है ?
(CTET Sept 2014)
(a) विषमांग नैतिकता
(b) संज्ञानात्मक अपरिपक्वता
(c) प्रतिक्रिया
(d) सहयोग की नैतिकता


49. एक वर्ष तक के शिशु जब आँख, कान व हाथो से सोचते है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा स्तर शामिल होता है ?
(CTET Sept 2014)
(a) मूर्त संक्रियात्मक
(b) पूर्व-सान्क्रियात्मक
(c) इन्द्रियजनित गामक स्तर
(d) अमूर्त संक्रियात्मक स्तर


50.वाइगोत्स्की के सिद्धान्त में, विकास के निम्नलिखित में से कौन-से पहलु की उपेक्षा होती है ?
(CTET Sept 2014)
(a) सामाजिक
(b) सांस्कृतिक
(c) जैविक
(d) भाषायी


51. यह तथ्य कि बच्चों को सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक ज्ञान की आवश्यकता होती है । निम्नलिखित में से किस व्यक्ति से सम्बन्धित है ?
(CTET Sept 2014)
(a) चार्ल्स डार्विन
(b) बी एफ स्किनर
(c) युरी ब्रोनफैनब्रैनर
(d) लेव वाइगोत्स्की


52 आप एक शिक्षिक/शिक्षिका के रूप में ‘रैगिंग और धमकाने के सख्त विरोधी है तथा इस सन्दर्भ में विद्यालय में पोस्टर लगवाते है तथा समिति बनवाते है । आपसे जुड़ने वाले किशोर जो इस विचार के दृढ़ विश्वासी है । निम्नलिखित में सी किस स्तर पर होंगे ?
(CTET Sept 2014)
(a) पारम्परिक
(b) पूर्व पारम्परिक
(c) उतर पारम्परिक
(d) सामजिक व्यवस्था बनाए रखने वाला


53. छिपी हुई वस्तुएँ ढूँढ़ निकालना इस बात का संकेत है किशिशु निम्नलिखित में से किस संज्ञानात्मक कार्य में दक्षता प्राप्त करने लगा है ?
(CTET Sept 2014)
(a) साभिप्राय व्यवहार
(b) वस्तु स्थायित्व
(c) समस्या-समाधान
(d) प्रयोग करना


54. वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धान्त के अनुसार
(CTET Sept 2014)
(a) संस्कृति और भाषा विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है
(b) बच्चे अलग क्षेत्र में चिन्तन करते है और वे पूर्ण परिप्रेक्ष्य नहीं लेते
(c) यदि निम्न आयु पर अमूर्त सामग्री को प्रस्तुत किया जाए तो बच्चे अमूर्त तरीके से चिन्तन करते है
(d) स्व-निर्देशित वाक् सहयोग का निम्नतम स्तर है

55. पियाजे के संज्ञानात्मक सिद्धान्त की अवस्थाओं का क्रम निम्न है
(HTET Feb 2014)
(a) संवेदनात्मक गामक काल, मूर्त संक्रियात्मक काल, पूर्व संक्रियात्मक काल, औपचारिक संक्रियात्मक काल
(b) संवेदनात्मक गामक काल, पूर्व संक्रियात्मक काल, मूर्त संक्रियात्मक काल, औपचारिक संक्रियात्मक काल
(c) पूर्व संक्रियात्मक काल, संवेदनात्मक गामक काल, मूर्त संक्रियात्मक काल, औपचारिक संक्रियात्मक काल
(d) पूर्व संक्रियात्मक काल, संवेदनात्मक गामक काल, औपचारिक संक्रियात्मक काल, मूर्त संक्रियात्मक काल


56. लॉरेन्स कोह्लबर्ग के सिद्धान्त में कौन-सा स्तर नैतिकता की अनुपस्थिति को सही अर्थ में सूचित करता है ?
(CTET Feb 2015)
(a) स्तर iii
(b) स्तर iv
(c) स्तर i
(d) स्तर ii


57. प्रचलित योजनाओं में नई जानकारी जोड़ने को किस नाम से जाना जाता है ?
(CTET Feb 2015)
(a) समायोजन
(b) सम्य्धारण
(c) आत्मसात्करण
(d) संगठन


58. पियाजे के सिद्धान्त के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा व्यक्ति के संज्ञानात्मक विकास को प्रभावित नहीं करेगा ?
(CTET Feb 2015)
(a) भाषा
(b) सामाजिक अनुभव
(c) समीपस्थ विकास का क्षेत्र
(d) सहारा देना


59. अध्यापिका ने ध्यान दिया कि पुष्पा अपने आप किसी एक सामस्या का समाधान नहीं कर सकती है । फिर भी वह एक व्यस्क या साथी के मार्गदर्शन की उपस्थिति में ऐसा करती है । इस मार्गदर्शन को कहते है ।
(CTET Feb 2015)
(a) पार्श्वकरण
(b) पूर्व-क्रियात्मक चिन्तन
(c) समीपस्थ विकास का क्षेत्र
(d) साहारा देना


60. एक बच्चे को सहारा देने की मात्रा एवं प्रकार में परिवर्तन इस बात पर निर्भर करता है
(CTET Feb 2015)
(a) अध्यापिका की मनोदशा
(b) बच्चे की नैसर्गिक योग्यताएँ
(c) कार्य के लिए प्रस्तावित पुरस्कार
(d) बच्चे के निष्पादन का स्तर


61. वाइगोत्स्की तथा पियाजे के परिप्रेक्ष्य में एक प्रमुख  विभिन्नता है
(CTET Feb 2015)
(a) व्यवहारवादी सिद्धान्तों की आलोचना
(b) ज्ञान के सक्रिय निर्मताओं के रूप में बच्चों की संकल्पना
(c) बच्चों को एक पालन-पोषण का परिवेश उपलब्ध कराने की भूमिका
(d) भाषा एवं चिन्तन के बारे में उनके दृष्टिकोण


62. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा वाइगोत्स्की के द्वारा प्रस्तावित विकास तथा अधिगम के बीच सम्बन्ध का सर्वश्रेष्ठ रूप से सार प्रस्तुत करता है ?
(CTET Feb 2015)
(a) विकास अधिगम से स्वाधीन है
(b) अधिगम एवं विकास सामान्तर प्रक्रियाएँ है
(c) विकास प्रकिया, अधिगम प्रक्रिया से पीछे रह जाती है
(d) विकास अधिगम का समानार्थक है


63. कोह्लबर्ग के सिद्धान्त की एक प्रमुख आलोचना क्या है ?
(CTET Feb 2015)
(a) कोह्लबर्ग ने बिना अनुभुतिमुलकआधार के सिद्धान्त प्रस्तुत किया
(b) कोह्लबर्ग ने नैतिक विकास की स्पष्ट अवस्थाओं का उल्लेख नहीं किया
(c) कोह्लबर्ग ने प्रस्ताव दिया कि नैतिक तार्किकता विकासात्मक है
(d) कोह्लबर्ग ने पुरुषों एवं महिलाओं की नैतिक, तार्किकता में सांस्कृतिक विभिन्नताओं को महत्व नहीं दिया


64. पियाजे अनुमोदन करते है कि पूर्व-संक्रियात्मक बच्चे याद रखने में असमर्थ होते है । निम्नलिखित कारकों में से किसको उन्होंने इस असमर्थता के लिए जिन्मेदार ठहराया है ?
(CTET Feb 2015)
(a) कोह्लबर्ग ने बिना अनुभुतिमुलकआधार के सिद्धान्त प्रस्तुत कियापरिकल्पित-निगमनात्मक तार्किकता की अयोग्यता
(b) उच्च-स्तर की अमूर्त तार्किकता की कमी
(c) व्यक्तिगत कल्पित कथा
(d) विचार की अनुत्क्रमणीयता (पलट न सके)


65. वाइगोत्स्की के अनुसार, समीपस्थ विकास का क्षेत्र है
(CTET Feb 2015)
(a) अध्यापिका के द्वारा दिए गए सहयोग की सीमा निर्धारित करना
(b) बच्ची अपने-आप क्या कर सकती है जिसका आकलन नहीं किया जा सकता है
(c) बच्चे के द्वारा स्वतन्त्र रूप से किए जा सकने वाले तथा सहायता के साथ करने वाले कार्य के बीच अन्तर
(d) बच्चे को अपना सामर्थ्य प्राप्त करने के लिए उपलब्ध कराए गए सहयोग की मात्रा एवं प्रकृति


66. पियाजे के सिद्धान्त के अनुसार, बच्चे निम्न में से किसके द्वारा सीखते है ?
(CTET Feb 2015)
(a) सही प्रकार से ध्यान जानकारी को याद करना
(b) उपयुक्त पुरस्कार दिए जाने पर अपने व्यवहार में परिवर्तन करना
(c) समाज के अधिक योग्य सदस्यों के द्वारा उपलब्ध कराए गए सहारे के आधार पर
(d) अनुकूलन की प्रक्रियाएँ


67. पियाजे के अनुसार 2 से 7 वर्ष के बीच का एक बच्चा संज्ञानात्मक विकास की ……अवस्था में है ।
(CTET Sept 2015)
(a) औपचारिक संक्रियात्मक
(b) मूर्त सान्क्रियात्मक
(c) संवेदी-गतिक
(d) पूर्व संक्रियात्मक


68. जब व्यस्क सहयोग से सामंजस्य कर लेते है तो वे बच्चे के वर्तमान स्तर के प्रदर्शन को सम्भावित क्षमता के स्तर के प्रदर्शन की तरफ प्रगति क्रम को सुगम बनाते है, इसे कहा जाता है
(CTET Sept 2015)
(a) सहयोग देना
(b) सहभागी अधिगम
(c) सहयोगात्मक अधिगम
(d) समीपस्थ विकास


69. नवीन जानकारी को शामिल कने के लिए वर्तमान स्कीमा (अवधारणा) में बदलाव की प्रकिया कहलाती है ।
(CTET Sept 2015)
(a) आत्मसात्करण
(b) समायोजन
(c) अहंकेन्द्रित
(d) अनुकूलन


70. बच्चों के बारे में निम्नलिखित कथनों में से किस कथन से वाइगोत्स्की सहमत होते है ।
(CTET Sept 2015)
(a) बच्चे तब सीखते है जब उनके लिए आकर्षक पुरस्कार निर्धारित किए जाए
(b) बच्चों के चिन्तन को तब समझा जा सकता है जब प्रयोगशाला में पशुओं पर प्रयोग किए जाए
(c) बच्चे जन्म से शैतान होते है और उन्हें दण्ड देकर नियन्त्रित किया जाना चाहिए
(d) बच्चे समवयस्कों और वस्यकों के साथ सामाजिक अन्त:क्रियाओं के माध्यम से सीखते है


71. कोह्लबर्ग की सिद्धान्त के पूर्व-परम्परागत स्तर के अनुसार, कोई नैतिक निर्णय लेते समय एक व्यक्ति निम्नलिखित में से किस तरफ प्रवृत होगा ?
(CTET Sept 2015)
(a) व्यक्तिगत आवश्यकताएँ तथा इच्छाएँ
(b) व्यक्ति मूल्य
(c) पारिवारिक अपेक्षाएँ
(d) अंतनिर्हित सम्भावित दण्ड


72. ‘मानसिक संरचनाएँ जो चिन्तन के निर्माण प्रखण्ड है इसके लिए पियाजे ने किस शब्द/पद का प्रयोग किया है ?
(CTET Sept 2015)
(a) जीन
(b) परिपक्वन
(c) स्कीमा
(d) विकास के क्षेत्र


73. वाइगोत्स्की ले अनुसार बच्चे स्वयं से क्यों बोलते है ?
(CTET Sept 2015)
(a) बच्चे अपने प्रति वयस्कों का ध्यान आकर्षित करने के लिए बोलते है
(b) बच्चे स्वभाव से बहुत बातूनी होते है
(c) बच्चे अहंकेन्द्रित होते है
(d) बच्चे अपने कार्य को दिशा देंते के लिए बोलते है


74. अमूर्त वैज्ञानिक चिन्तन के लिए क्षमता का विकास निम्नलिखित अवस्थाओं में से किसकी एक विशेषता है ?
(CTET Sept 2015)
(a) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था
(b) औपचारिक सान्क्रियात्मक अवस्था
(c) संवेदी-गतिक अवस्था
(d) पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था


75. एक बच्चा तर्क प्रस्तुत करता है “आप यह मेरे लिए करें और मै वह आपके लिए करुगाँ” यह बच्चा कोह्लबर्ग की नैतिक तर्कणा की किस अवस्था के अन्तर्गत आएगा ?
(CTET Sept 2015)
(a) अचछा लड़का-अच्छी लड़की अभिमुखीकरण
(b) सामाजिक-अनुबन्ध अभिमुखीकरण
(c) सहायक उद्देश्य अभिमुखीकरण
(d) दण्ड और आज्ञापालन अभिमुखीकरण


76. “विचार न केवल भाषा को निर्धारित करते है, बल्कि उसे आगे भी बढ़ाते ।” यह विचार ………द्वारा रखा गया
(UPTET April 2015)
(a) वाइगोत्स्की
(b) पावलॉव
(c) जीन पियाजे
(d) कोह्लबर्ग


77. कोह्लबर्ग ने प्रस्तुत किए है
(CTET Feb 2016)
(a) संज्ञानात्मक विकास के चरण
(b) शारीरिक विकास के चरण
(c) संवेगात्मक विकास के चरण
(d) नैतिक विकास के चरण


78. निम्नलिखित में से कौन-सा सही मिलान वाला जोड़ा है ?
(CTET Feb 2016)
(a) मूर्त संक्रियात्मक बच्चा-संधारण एवं वर्गीकरण करने योग्य
(b) औपचारिक संक्रियात्मक-बच्चा अनुकरण प्रारम्भ कल्पनात्मक
(c) शैशवावस्था-तर्क का अनुप्रयोग और अनुमान लगाने में सक्षम
(d) पूर्व संक्रियात्मक बच्चा-निगमनात्मक


79. निम्नलिखित में से कौन-सा एक आधारभूत सहायता का उदाहरण है ?
(CTET Feb 2016)
(a) अनुबोधन और संकेत देना तथा नाजुक स्थितियों पर प्रश्न पूछना
(b) शिक्षार्थियों o प्ररित करने वाले भाषण देना
(c) प्रश्न पूछने को बढ़ावा दिए बिना स्पष्टीकरण देना
(d) मूर्त और अमूर्त दोनों प्रकार के उपहार देना


80. वाइगोत्स्की के अनुसार, बच्चे सीखते है
(CTET Feb 2016)
(a) जब पुनर्बलन प्रदान किया जाता है
(b) परिपक्व होने से
(c) अनुकरण से
(d) वयस्कों और समवयस्कों के साथ परस्पर क्रिया से


81. पियाजे के अनुसार, बच्चों का चिन्तन वस्यकों से ………..में भिन्न होता है ।बजाय………..के ।
(CTET Feb 2016)
(a) मात्रा, प्रकार
(b) आकार, मुर्त्परकता
(c) प्रकार, मात्रा
(d) आकार, किस्म


82. …………के विचार से बच्चे सक्रिय ज्ञान-निर्माता तथा नन्हें वैज्ञानिक है, जो संसार के बारे में अपने सिद्धान्तों की रचना करते है ।
(CTET Feb 2016)
(a) स्किनर
(b) पावलॉव
(c) युंग
(d) पियाजे


83. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त के बारे में निम्नलिखित कथनों में से सही कथन कौन-सा है ?
(CTET Feb 2016)
(a) पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास के पाँच स्पष्ट चरण प्रस्तावित किए है
(b) पियाजे का तर्क है कि संज्ञानात्मक विकास,चरणों में आगे बढ़ने की अपेक्षा निरन्तर होता है
(c) किसी चरण को छोड़ा नहीं जा सकता, क्योंकि ये चरण स्थिर है
(d) बच्चों के सांस्कृतिक आधार के अनुसार इन चरणों का क्रम बदला जा सकता है


84. वाइगोत्स्की के अनुसार, सीखने को पृथक् नही किया जा सकता
(CTET Feb 2016)
(a) पुनर्बलन से
(b) व्यवहार में मापने योग्य परिवर्तन से
(c) अवबोधन प्रक्रियाओं से
(d) उसके सामाजिक सन्दर्भ से


85. वाइगोत्स्की की संस्तुति के अनुसार, बच्चों की ‘व्यक्तिगत वाक्’ की संकल्पना
(CTET Feb 2016)
(a) प्रदर्शित करती है कि बच्चे अपने-आप स प्यार करते है
(b) स्पष्ट करती है कि बच्चे अपने ही कार्यो के निर्देशन के लिए भाषा का उपयोग करते है
(c) प्रदर्शित करती है कि बच्चे बुद्ध होते है इसलिए इन्हें प्रौढ़ॊ के निर्देशन की आवश्यकता होती है
(d) स्पष्ट करती है कि बच्चे अहंकेन्द्रित होते है


86. निम्नलिखित में से किस एक जोड़े का मिलन ठीक हुआ है ?
(CTET Feb 2016)
(a) अच्छा लड़का वा अच्छी लड़की अभिविन्यास-अच्छा बनकर कोई स्वीकृति प्राप्त करता है
(b) नियम और आदेश अभिविन्यास-मानवाधिकारों के मूल्य के आधार पर नैतिक सिद्धान्त स्वयं चुने जाते है
(c) सामाजिक संविदा अभिविन्यास- किसी कार्य के भौतिक परिणाम निर्धारित करते है कि वह अच्छा है या बुरा
(d) दण्ड देना और आज्ञा पालन अभिविन्यास-नियम तय नहीं है, किन्तु समाज के हित में बदले जा सकते है


87. निम्नलिखित में से कौन-सा ‘आधारभूत साहयता’ का एक अच्छा उदाहरण है (जिसका आशय है समस्या-समाधान को तब तक सिखाना जब तक शिक्षार्थी स्वयं न कर सके) ?
(CTET Feb 2016)
(a) उसे आधा समाधान किया उदाहरण उपलब्ध करवाना
(b) उसे कहना कि, जब तक वह सामस्या का समाधान नहीं कर लेती, जब तक घर नहीं जा सकती
(c) समस्या का समाधान जल्दी देने के लिए पुरस्कार देना
(d) उसे यह बताना कि वह बार-बार प्रयास द्वारा कर सकती है


88. पियाजे के अनुसार, विकास को प्रभावित करने में निम्नलिखित कारको में से किसकी महत्वपूर्ण होती है ?
(CTET Feb 2016)
(a) भौतिक विश्व के साथ अनुभव
(b) अनुकरण
(c) पुनर्बलन
(d) भाषा


89. पूर्व-संक्रियात्मक काल में आने वाली संज्ञानात्मक योग्यता’ है
(CTET Feb 2016)
(a) लक्ष्य-उदिदष्ट व्यवहार की योग्यता
(b) दुसरे के दृष्टिकोण को समझने की योग्यता
(c) अभिकल्पनात्मक निष्कर्ष चिन्तन
(d) अमूर्त चिन्तन


90. किसी बच्चे का दिया गया विशिष्ट उतर कोह्लबर्ग के नैतिक तर्क के सोपानों की विषयवस्तु की किस अवस्था के अन्तर्गत आएगा ?
(CTET Sept 2016)
(a) सामाजिक संकुचन अनुकूलन
(b) अच्छी लड़की-लड़का अनुकूलन
(c) कानून और व्यवस्था अनुकूलन
(d) दण्ड आज्ञाकारिता अनुकूलन


91. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार संज्ञानात्मक विकास का मूल कारण है
(CTET Sept 2016)
(a) सामाजिक अन्योन्यक्रिया
(b) मानसिक प्रारूपों का समायोजन
(c) उददीपक-अनुक्रिया युग्मन
(d) सन्तुलन


92. कोई 5 साल की लड़की एक टी-शर्ट को तह करते हुए अपने आप से बात करती है । लड़की द्वारा प्रदर्शित व्यवहार के सन्दर्भ में निम्नलिखित में स कौन-सा कथन सही है ?
(CTET Sept 2016)
(a) जीन पियाजे इसे अहंकेन्द्रित भाषा कहेंगे और लेव वाइगोत्स्की इसकी व्याख्या बच्चे के द्वारा निजी भाषा से अपनी क्रियाओं को नियमित करने के प्रयासों के रूप में करेगे
(b) जीन पियाजे इसकी व्याख्या सामाजिक अन्योन्यक्रिया के रूप में करेगा और लेव वाइगोत्स्की इसे खोजबीन मानेगा
(c) जीन पियाजे और लेव वाइगोत्स्की इसकी व्याख्या बच्चे के द्वारा अपनी माँ अनुकरण के रूप में करेगे
(d) जीन पियाजे और लेव वाइगोत्स्की इसकी व्याख्या बच्चे के विचारों की अहंकेन्द्रित प्रकृति के रूप में करेगे


93. जीन पियाजे के अनुसार प्रारूप निर्माण वर्तमान योजनाओं के अनुरूप बनाने हेतु नवीन तकनीकी में संशोधन और नवीन जानकारी के आधार पर पुरानी योजनाओं के संशोधन के परिणाम के रूप में घटित होता है । इन दो प्रक्रियाओं को जाना जाता है ।
(CTET Sept 2016)
(a) समावेशन और अनुकूलन के रूप में
(b) सम्यीकरण और संशोधन के रूप में
(c) समावेशन और समायोजन के रूप में
(d) समायोजन और अनुकूलन के रूप में


94. लेव वाइगोत्स्की के समाज संरचना सिद्धान्त में दृढ़ विस्वास रखने वाले शिक्षक के नाते आप अपने बच्चों के आंकलन के लिए निम्नलिखित में सी किस विधि को वरीयता देंगे ?
(CTET Sept 2016)
(a) मानकीकृत परिक्षण
(b) तथ्यों पर आधारित प्रत्यास्मरण के प्रश्न
(c) वस्तुपरक बहुविकल्पीय प्रकार के प्रश्न
(d) सहयोगी प्रोजेक्ट


95. “जीन पियाजे के अनुसार अधिगम के लिए निम्न में से क्या आवश्यक है ?
(CTET Sept 2016)
(a) वयस्कों के व्यवहार का अवलोकन
(b) ईश्वरीय न्याय पर विश्वास
(c) शिक्षकों और माता-पिता का पुनर्बलन
(d) शिखार्थी के द्वारा पर्यावरण की सक्रिय खोज


96. कोह्लबर्ग के अनुसार किस अवस्था में नैतिकता बाह्य कारकों द्वारा निर्धारित होती है ?
(UPTET Feb 2016)
(a) पूर्व परम्परिक अवस्था
(b) पारम्परिक अवस्था
(c) पश्चात् पारम्परिक अवस्था
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं


97. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त में अमूर्त तर्क एवं परिपक्व नैतिक चिन्तन किस अवस्था की विशेषताएँ है ?
(UPTET Feb 2016)
(a) संवेदनात्म-गामक अवस्था
(b) पूर्व संक्रियात्मक
(c) औपचारिक संक्रियात्मक
(d) मूर्त संक्रियात्मक


98. लॉरेन्स कोह्लबर्ग के नैतिक तर्क के सिद्धान्त की अनेक बातों के लिए आलोचना की जाती है । इस आलोचना के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है ?
(CTET Sept 2016)
(a) अपनी सैद्धान्तिक रुपरेखा पर पहुँचने के लिए कोह्लबर्ग ने पियाजे के सिद्धान्तों को दोहराया है
(b) कोह्लबर्ग ने नैतिक तर्क के प्रत्येक सोपान के लिए विशेषउतर नहीं दिया है
(c) कोह्लबर्ग का सिद्धान्त बच्चों के प्रत्युतरों पर ध्यान केन्द्रित नहीं करता
(d) कोह्लबर्ग ने अपने अध्ययन को मूलतः पुरुषों के नमूनों पर आधृत रखा है


99. जीन पियाजे के द्वारा प्रस्तुत ‘संरक्षण के प्रत्यय’ से तात्पर्य है कि
(CTET Sept 2016)
(a) कुछ भौतिक गुणधर्म वही रहते है, चाहे बाहरी आकृतियाँ बदल जाए
(b) वन्यजीवन और वनों का संरक्षण बहुत महत्वपूर्ण है
(c) परिकल्पना पर विधिवत् परिक्षण से सही निष्कर्ष कर पहुँचा जा सकता है
(d) दूसरों के परिदृश्य को ध्यान में रखना एक महत्वपूर्ण संज्ञानात्मक क्षमता है


100. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार
(CTET Sept 2016)
(a) भाषिक विकास मानव चिन्तन के स्वभाव को बदल देता है
(b) वस्य्कों और साथियों से अन्योन्यक्रिया करने का भाषा के विकास में कोई प्रभाव अनहि पड़ता
(c) भाषिक विकास में संकृति की भूमिका बहुत कम होती है
(d) बच्चे भाषा अर्जन की एक युक्ति से कोई भाषा सीखते है


101. कोह्लबर्ग के अनुसार, शिक्षक बच्चों में नैतिक मूल्यों को  विकास कर सकता है
(UPTET April 2016)
(a) नैतिक मुद्दों पर आधारित चर्चाओं में उन्हें शामिल करके
(b) “कैसे व्यवहार किया जाना चाहिए’ इस पर कठोर निर्देश देकर
(c) धार्मिक शिक्षा को महत्व देकर
(d) व्यवहार के स्पष्ट बनाकर



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